Shakun aur Apshakun: शकुन-अपशकुन परंपरा है या विज्ञान? जानिए घर से निकलते समय मिलने वाले खास संकेत 2026

Shakun aur Apshakun: शकुन-अपशकुन परंपरा है या विज्ञान? जानिए घर से निकलते समय मिलने वाले खास संकेत 2026
Shakun aur Apshakun indicators showcasing a split visual of Shubh signs like Kalash and Kapila Cow on the bright side, and Ashubh signals like a black crow and cat under starry cosmic sky.

शकुन/अपशकुन के प्रभाव से प्रत्येक भारतवासी परिचित है। (मुंडेर पर कौवे को देखकर किस यह अभ्यास नहीं होता कि शायद आज कोई अतिथि आने वाला है?) जिसे हम शकुन कहते हैं वह और कुछ नहीं वर्णन हमारे मनिषियों द्वारा प्रकृति के प्रति एक परिदृष्टि, सतत् निगरानी से प्राप्त अनुभव ही है।

शकुन-अपशकुन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

इस तथ्य को आज विज्ञान भी स्वीकार कर रहा है कि पशु पक्षियों को दैविक आपदाओं का बहुत पहले से अभ्यास हो जाता है। इस तथ्य का खुलासा अभी वर्तमान समय में सुनामी लहरों से हुई जन धन की हानि से लगाया जा सकता है। इन लहरों से मनुष्य की अपेक्षा जानवरों की हानि बहुत ही कम हुई है। सुनामी लहराने से पूर्व अधिकांश 95 से 99% पशु पक्षी दूर सुरक्षित स्थान में पहुंच गए थे।

एक सहज अनुभव को ही लें, जैसे कोई भी व्यक्ति अपने घर से भी अनुभव करता है। यदि चीटियों का दल पंक्तिबद्ध होकर अपने भोजन को लेकर जाता दिखाई दे तो निश्चित रूप से 24 घंटे के अंदर वर्षा हो जाती है, भले ही उस समय वर्षा के कोई आसार न हो ।

आज विज्ञान भी इसी बात को इस रूप में कह रहा है कि पशु पक्षी पराश्रय ध्वनि तरंगों का श्रवण करने के करण ऐसा करने में सक्षम होते हैं परम मनोविज्ञान इस बात को प्रगाड़ता से अनुभव कर रहा है कि जो कुछ भी प्रकृति में घटित होता है इसका आकलन बहुत पहले से हो चुका होता है।

शुभ शकुन (सफलता और समृद्धि के प्रतीक)

जो सुकून मनोरथ सिद्ध करने वाले, मंगल प्रदायक, भविष्य में समृद्धकारी, लाभ, जय, सफलता एवं सौभाग्य सूचक हों, शुभ होते हैं। जैसे –

1 प्रस्थान के समय जल से भरी गगरी लेकर आई हुई सौभाग्यवती स्त्री का मिलना शुभ शकुन होता है। 

2 यात्रा आरंभ में सुसज्जित उत्तम वस्त्राभूषण धारण किए हुए सुंदर कन्या प्रसन्न मुद्रा में आती हुई दिखाई दे तो अत्यंत शुभ होता है। 

3 किसी भी शुभ कार्य हेतु निकलते या लौटते वक्त देवी देवता का प्रतिमा आ रही हो तो आति शुभ शकुन होता है। 

4 प्रसन्न मुद्रा में नाचता–कुदता,गाता–बजाता, हंसता खेलता, खिलखिला हुआ बालक प्रस्थान के समय देखना शुभ होता है। 

5 किसी कार्यवश घर से निकलते ही दाहिने या सामने की ओर कोई बल खड़े-खड़े गर्जना कर रहा हो तो बहुत शुभ होता है। 

6 प्रस्थान के समय हाथी का दर्शन शुभ सुकून होता है यदि वह सुन दाहिने दांत पर रखे हो तो अत्यंत शुभ होता है। 

7 सेहरा बांधे, मौर कलगी लगाए युवक अर्थात दूल्हे का दिखाना कामना पूर्ति सूचक शगुन होता है। 

8 दूध, शहद, मिष्ठान, मिश्री, गुड, पकवान, शनि, चंदन, ध्वजा, पताका, फल–फूल, आम्र–पल्लव से बंदनवार, केले का पत्ता, दूर्वा–दल, तुलसी–पत्र, पान या पान का बीड़ा, जलती हुई खुशबूदार अगरबत्ती, आरती के निमित्त जलाया गया कपूर, जल-दुध युक्त कलश, चंदन–चावल युक्त भारी कटोरी, कमल–पत्र–पुष्प, रत्नादि सामने से लेकर आता हुआ कोई पुरुष या सुहागिन स्त्री अथवा कुमारी कन्या किसी शुभ कार्य से बाहर निकलते समय दिखाई दे तो यह कार्य पूर्ति मनोरथ सिद्धि और शुभ यात्रा के संकेत हैं।

9 प्रस्थान के समय रंभाती हुई सफेद  सफेद रंग की गौ कपिला गायो का समझ दाहिनी और देखना शुभ होता है। 

10 इसी तरह दाएं और से भाई और का रास्ता को काटता हुआ कुत्ता दिखाई दे यात्रा आरंभ में मिले तो कार्य की सिद्धि होती है। 

11 यात्रा के समय समझ अथवा दी और कूड़ा कचरा भारत पत्र लेकर आता हुआ महत्व देखना शुभ होता है। 

अशुभ शकुन (अनहोनी और असफलता के संकेत)

जिन शकुनो के कारण असफलता हाथ लगे, बनता खेल बिगड़ जाए, अधः पतन हो जाए, हानि,दुख मिले, निराशा छा जाए, कार्यसिद्धि या प्रस्थान के पूर्व कोई अनहोनी घटना हो वे अशुभ शकुन कहलाते हैं 

1 घर से निकलते ही कोई रोती हुई कन्या सामने आ जाए तो यह कार्य सिद्धि न होने का अपसकुन होता है 

2 शुभ कार्य हेतु जाते वक्त बाल बिखराए कोई स्त्री सामने आन पड़े तो यह कार्य बिगड़ने की सूचना है 

3 किसी देवी या देवता की मूर्ति , चाहे वह धातु की बनी हो अथवा पत्थर या मिट्टी की हो घर से निकलते वक्त अचानक चटक जाए, गिरकर खंडित हो जाए अथवा टूट जाए तो यह बड़ा भारी अपशकुन है

4 प्रस्थान करते समय अथवा किसी शुभ कार्य के निमित जाते हुऐ मार्ग में काना व्यक्ति का मिलना असफलता या अनहोनी का इशारा है कहावत है – रास्ते में  मिले काना , तो घर को वापिस आना

5 प्रस्थान करते समय किसी योगी, वैरागी, मुनि, दंडी, संन्यासी, फकीर या जटाधारी का मिलना शुभ नहीं होता

6 स्वयं को या अन्य को घर से निकलते वक्त छींक आ जाना अनिष्ठ की निशानी है 

7 प्रस्थान के समय स्वयं की पहनी हुई चेन, माला, कंठी, पेंडल आदि का अचानक टूट कर गिर जाना , बिखर जाना अशुभ होता है

8 जाते समय अपना जूता चप्पल, सैंडिल इत्यादि अचानक पैर से उतर जाए, तो इसे अपशकुन माने

9 प्रस्थान के समय घर की दहलीज से निकलते वक्त अपना कोई वस्त्र जो धारण किए हुए हों यदि कहीं पर उलझ जाए और फट जाए तो अपनी यात्रा कुछ समय के लिए स्थगित कर देनी चाहिए, अन्यथा कष्ट होगा

10 किसी भी कार्य से निकलते वक्त कोई बिल्ली आकर रास्ता काट दे तो बड़ा भारी अपशकुन माना जाता है 

11 कार्य विशेष पर यात्रा हेतु घर से निकलते समय दाहिनी ओर या सामने कोई तेल बेचने वाला आ जाए तो अपशकुन माना जाता है

नोट: इस लेख में दी गई जानकारी वैदिक ज्योतिष की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसके परिणाम व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसे चिकित्सकीय, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प न माना जाए।

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