बृहस्पति ग्रह के अचूक उपाय | Brihaspati Grah Ke Upay for Wealth, Marriage & Luck
अगर आपकी कुण्डली में गुरु ग्रह शुभ या अशुभ स्थान पर है तो आपको भिन्न-भिन्न प्रकार के उपाय करने चाहिए। अगर आपकी कुण्डली में गुरु अशुभ है तो आपको गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए ब्रह्मा जी की पूजा करनी चाहिए। इसकेअलावा गुरु के मंत्रों का जाप आप कर सकते हैं। गुरु एक ब्राह्मण ज्ञानी व वेदज्ञाता व ज्योतिषी ग्रह है। इसलिए गुरु से सम्बन्धित दान किसी ब्राह्मण को देना चाहिए।
1. गुरु का वैदिक मंत्र संक्षिपत: जप संख्या 18,000
ॐ ब्रंहा बृहस्पते नमः ।
2. गुरु का वैदिक मंत्र बृहद्
ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् धुमद्धिभाति कृतमुज्जनेषु ।
पद्दीदयच्छवसं ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम् ॥
3. गुरु का बीज मंत्र:
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः ।
4. गुरु का गायत्री मंत्र
ॐ अंगिरो जाताय विद्महे वचस्पतये धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ।
इन मंत्रों के करने से ब्रह्मा जी प्रसन्न होते हैं तथा जन्म कुण्डली में गुरु अगर आपके लिए हानिकारक है तो आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप आपको शुक्ल पक्ष में गुरु की होरा में शुरू करना चाहिए। मंत्रों के जाप के समय तांबे का लोटा लेकर पीले रंग के फूल व पीले रंग के आसन पर बैठकर इन मंत्रों की शुरुआत करनी चाहिए। मंत्र पूरे होने के पश्चात आपको दान करना चाहिए। दान देने योग्य वस्तुएं पूजा स्थान पर रखें।
Guru Graha Daan Items & Rules | गुरु ग्रह शांति के अचूक दान और फायदे
गुरु ग्रह जन्म कुण्डली में पीले रंग का कारक होता है। अगर शरीर मे पीला रंग अशुभ है या ज्यादा बलवान है तो इसके दुष्परिणाम पीला रंग के बढ़ने से या कम होने से हो सकते हैं। इसलिए पीला रंग को शरीर में संतुलित करने के लिए हमें दान करना चाहिए। दान में चने की दाल, केले, पीले चावल, पुखराज, हल्दी, शहद, पीला कपड़ा, पीले फूल, जैसे आम, केले, पपीते, कांसें के बर्तन, घोड़ा, शक्कर, घी, बेसन के लड्डू, धर्म ग्रंथ, सोना, पीली मिठाईयां, किसी ब्राम्हण को दान कर सकते हैं। ऐसा करने से बृहस्पति का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
Guruwar Vrat Vidhi & Benefits: गुरु का व्रत कैसे करें? सही विधि और महाउपाय
व्रत करने से भी ग्रहों के प्रकोप कम हो जाते हैं। क्योंकि जो वार जिस ग्रह से प्रभावित होता है उसी वार का अगर व्रत किया जाए तो उस ग्रह का प्रकोप कम हो जाता है। गुरू ग्रह का वार गुरुवार होता है। गुरुवार को अगर व्रत करते हैं तो गुरु ग्रह का प्रकोप कम हो जाता है या गुरुवार को पीले कपड़े ज्यादा पहनते हैं। तो गुरु बलवान हो जाता है। बृहस्पति के व्रत के लिए दिन में आप फलों का सेवन व सायं का भोजन में मीठी खीर, लड्डू, गुड़, शक्कर, गुड का सेवन कर सकते हैं।
Guru Graha Ke Upay: गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव और मजबूत करने के आसान उपाय
1. गुरुवार को केसर का तिलक लगाने से बृहस्पति मजबूत हो जाता है। अगर 27 गुरुवार तिलक लगाया जाता है, तो बृहस्पति का शुभ प्रभाव बढ़ जाता है।
2. पुखराज नग सोने की अंगूठी में सीधे की हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करने से बृहस्पति बलवान हो जाता है।
3. पीले वस्त्र या पीले रंग से मिश्रित वस्तुओं का उपयोग करने से बृहस्पति का शुभ प्रभाव बढ़ जाता है।
4. पीले रंग की गाड़ी व मोटर साईकल, बिस्तर के ऊपर पीले रंग की चादर, तकिया व घरों में पीले रंग के पर्दों का उपयोग करने से ज्ञान की वृद्धि होती है तथा ब्रह्मा जी प्रसन्न होते हैं।
5.घर में पीले सूरजमुखी व पीले गेंदे के पौधे लगाने से लाभ मिलता है इसके अलावा मंदिर में पीले लड्डुओं के भोग लगाने से तथा स्वयं प्रसाद ग्रहण करने से भी मिलता है।
Weak Jupiter Remedies: बृहस्पति की अशुभ स्थिति सुधारने के 7 आसान तरीके
बृहस्पति आपकी कुण्डली में अशुभ है तो आपको निम्न प्रकार के उपाय करने चाहिए। इन उपायों को करने से बृहस्पति ग्रह अपना प्रकोप कम कर देते हैं।
1. गुरुवार को किसी ब्रह्मण को, पीला वस्त्र, शहद व गाय दान देने से बृहस्पति का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
2. बादाम व नारियल पीले कपड़े में लपेट कर के बहते पानी में कम से कम 7 गुरुवार प्रवाहित करने से बृहस्पति प्रसन्न होते हैं।
3. भगवान विष्णु एवं ब्रह्मा जी की उपासना करनी चाहिए। व गुरुवार का व्रत करना चाहिए।
4. पीपल के वृक्ष को गुरुवार को जल देते वक्त गुरु मंत्र का जाप करने से बृहस्पति का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है। 27 गुरुवार तक मंदिर में घी का दीपक जलाने से तथा गाय को बेसन का लड्डू खिलाने से बृहस्पति का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
5. कुष्ठ आश्रम, अंध विद्यालय, मंदिर आदि में दान करने से, तथा गाय को बेसन व पीला दान करने से बृहस्पति अच्छा फल देते हैं।
6. गुरु स्नान करने से बृहस्पति का प्रकोप कम हो जाता है। स्नान करते वक्त पानी में 4 बूंदे शहद, मलहटी, चमेली के फूल, सफेद सरसों का तेल या सफेद सरसों, नवीन अंकुरित पत्ते, पीले फूल या गंगाजल डाल कर नहाने से लाभ मिलता है।
7. विद्वान व्यक्ति की सेवा करने से व उनका आशीर्वाद लेने से बृहस्पति का प्रकोप खत्म हो जाता है। अगर विद्वान व्यक्ति चरित्रहीन हो तो उनके चरण स्पर्श नहीं करने चाहिए।
Guru Yantra Pahanne Ke Fayde: गुरु यंत्र किस दिन धारण करें और कैसे?
जिन जातकों की कुण्डली में गुरु ग्रह का प्रकोप है उनको अपने निवारण के लिए सोने या तांबे के पत्र पर गुरु यंत्र खुदवा कर उसके बीच में पुखराज नग को जड़वाकर अपने गले में धारण करना चाहिए। अगर ऐसा करने में आप सक्षम नहीं हैं तो गुरु यंत्र को भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर सोने तांबे की अंगूठी या ताबीज में डालकर आप अपने हाथ की भुजा में या गले में पहन सकते हैं इसके पहनने से धन वृद्धि, लक्ष्मी का वास, कर्ज से मुक्ति, विवाह–संतान सुख,भाग्य उन्नति तथा नौकरी लगने के योग बनते हैं व दुश्मन दबे रहते हैं। इस यंत्र को गुरू के 18000 मंत्र जाटों से शुद्ध अवश्य कर लेना चाहिए। इतनी जापों की संख्या करने से ये यंत्र प्राण प्रतिष्ठित हो जाता है :
ॐ ब्रंम्हृ बृहस्पतए नमः।।




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