Mangal Ke Upay : कमजोर मंगल के लक्षण और 5 अचूक उपाय

Mangal Ke Upay : कमजोर मंगल के लक्षण और 5 अचूक उपाय

अगर आपकी कुण्डली में मंगल ग्रह शुभ है या अशुभ स्थान पर है तो आपको इस प्रकार के उपाय करने चाहिए। अगर आपकी कुण्डली में मंगल अशुभ है तो आपको मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा हनुमान चालीसा व मंगल के मंत्रों का जाप आप आप कर सकते हैं। मंगल एक ब्रह्मचारी व क्षत्रिय ग्रह है। इसलिए मंगल से सम्बन्धित दान किसी कुंवारे या ब्रह्मचारी या किसी युवा साधु संत को दे सकते हैं। 

Lord Mangal Dev spiritual image with Mangal Yantra for Vedic astrology and Mangal Dosh remedies

मंगल का वैदिक मंत्र संक्षिप्त: जप संख्या 10,000

ॐ अं अंगारकाय नमः ।

ॐ भौम भौमाय नमः ।

मंगल का वैदिक मंत्र बृहद्

ॐ अग्निर्मूर्धा दिवः ककुत्पति पृथिव्यायम्।

अपारेतांसि जिन्वति । भौमाय नमः ॥

मंगल का बीज मंत्र

ॐ क्रां क्रों क्रौं सः भौमाय नमः।

सूर्य गायत्री मंत्रः

ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति ह्स्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥

इन मंत्रों के जाप करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं तथा जन्म कुण्डली में मंगल अगर आपके लिए हानिकारक है, तो मंत्रों के जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप आपको शुक्ल पक्ष में मंगल की होरा में शुरू करना चाहिए। ये मंत्र रुद्राक्ष, तुलसी या चन्दन की माला से करें तो श्रेष्ठ रहता है। मंत्रों के जाप के समय चांदी या तांबे का लोटा लेकर लाल रंग के फूल व लाल रंग के आसन पर बैठकर इन मंत्रों की शुरूआत करनी चाहिए। मंत्र पूरे होने के पश्चात् आपको दान करना चाहिए। दान देने योग्य वस्तुएं पूजा स्थान पर रखें।

Mangal Ka Daan: मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए क्या दान करें? (Complete Guide)

मंगल ग्रह जन्म कुण्डली में लाल रंग का कारक होता है। अगर शरीर में मंगल अशुभ है या ज्यादा बलवान है तो इसके दुष्परिणाम लाल रंग के बढने से या कम होने से हो सकते हैं। इसलिए लाल रंग को शरीर में संतुलित करने के लिए हमें दान करना चाहिए। दान में गेहूं, मसूर की दाल, लाल घोड़ा, लाल बैल, गुड, लाज पुष्य, लाल वस्त्र, लाल वर्ण की गाय, सोना, मूंगा, तांबे के बर्तन, लाल नारियल, मीठी चपाती, केसर, गुड से निर्मित रेवड़ियां किसी युवा ब्राह्मण या साधु को दान करना अच्छा है।

Mangalvar Vrat Ke Niyam: मंगलवार व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं?

व्रत करने से भी ग्रह का प्रकोप कम हो जाता है। क्योंकि जो वार जिस ग्रह से प्रभावित होता है उसी वार का अगर व्रत किया जाए तो उस ग्रह का प्रकोप कम हो जाता है। मंगल ग्रह का वार मंगलवार है। मंगलवार को अगर आप व्रत करते हैं तो मंगलदेव का प्रकोप कम हो जाता है। व्रत के दिन चाय, दूध व फल का सेवन कर सकते हैं। दिने डूबने के बाद भोजन कर सकते हैं। भोजन तामसिक व तला हुआ न करें। तथा शाम को आप मीठे व नमकीन भोजन का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर विद्वानों की सोच यह है कि मंगलवार को मीठा खाना चाहिए व नमक का परहेज करना चाहिए। लेकिन मेरा मत विद्वानों से भिन्न है। मंगल मीठे का कारक है अगर हम दिन में मीठा नही खाते हैं। तो मंगल का प्रकोप कम रहता है और व्रत के बाद अगर हम मीठा खाते हैं तो मंगल का प्रकोप पुन: बढ़ जाता है इसलिए मंगलवार के व्रत में मीठा के साथ नमकीन भोजन भी लेना चाहिए।

Shubh Mangal Ke Upay: मंगल की शुभ स्थिति का पूरा लाभ कैसे उठाएं? | Vedic Astrology

1. अगर मंगल ग्रह आपकी जन्मकुण्डली में शुभ है तो सोने अथवा तांबे की अंगूठी में मूंगा नग धारण करना चाहिए तथा हाथ में तांबे का कड़ा पहन सकते हैं। इससे मंगल और मजबूत होगा व लाभ में वृद्धि होगी।

2. मंगलवार को घर में गुलाब का पौधा लगाना तथा 108 दिन तक रात को तांबे के बर्तन में पानी सिरहाने रखकर घर में लगाए हुए गुलाब के पौधे में डालें। ऐसा करने से गुलाब के फूल की वजह से मंगल के शुभ प्रभाव में वृद्धि होगी।

3. मंगलवार को गुड या मसूर की दाल का भोजन करना चाहिए। तथा लाल कपड़े पहनने चाहिए। ऐसा करने से मंगल मजबूत होगा। तथा शुभ प्रभाव बढ़ेगा।

4. अगर आप पराक्रम से संबंधित कार्य करते हैं, जैसे पुलिस-सेना की नौकरी, क्रिकेट अथवा अन्य खेलों में लाल रुमाल अथवा लाल टोपी का इस्तेमाल करते तो इससे मंगल मजबूत होता है तथा साहस में वृद्धि होती है।

5. मंगलवार से आरम्भ कर के 108 दिन मृगछल्ला पर सोने से तथा लाल रंग के वस्त्र प्रयोग करने से मंगल मजबूत हो जाता है। लाल रंग के रुमाल में तांबे का सिक्का लपेट कर अपने पास रखने से यात्रा शुभ होती है।

​"Ek prachin Hindu mandir ke prangan mein do purushon dwara paramprik Havan puja (sacred fire ceremony) ka anushthan. Ek vyakti pavitra agni (Havan Kund) mein chammach se aahuti de raha hai, jabki doosra vyakti unke sath baitha hai. Pass hi phal, phool aur Hanuman ji ki murti se saja hua ek chhota mandir ka hissa (altar) aur peeche tarashe hue patthar ke khambhe aur ghantiyan dikhai de rahi hain."

मंगल की अशुभ स्थिति के उपाय | Powerful Weak Mars Remedies in Astrology

अगर मंगल आपकी कुण्डली में अशुभ है तो आपको निम्न प्रकार के उपाय करने चाहिए। इन उपायों को करने से मंगल ग्रह अपना प्रकोप कम कर देते हैं -

1. 27 मंगलवार व्रत रखने के पश्चात् अपने घर में गुड से बने हुए स्वादिष्ट भोजन अगर किसी अपाहिज को खिलाते हैं तो मंगल का प्रकोप कम हो जाता है।

2. नारियल को तिलक लगाकर व लाल कपड़े में लपेटकर बहते हुए जल में तीन मंगलवार प्रवाहित करने से मंगल का प्रकोप कम हो जाता है।

3. लाल रंग की गाय या कुत्ते को मंगलवार को मीठे भोजन कराने से मंगल ग्रह का प्रकोप कम हो जाता है।

4. मंगल अगर अशुभ है तो आपको लाल वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए अपितु लाल वस्त्रों का दान करना चाहिए।

5. मंगलवार को शराब, मांस, मछली का सेवन न करें। हनुमान चालीसा, हनुमान कवच व ऊपर लिखे मंगल के मंत्रों का जाप करने से मंगलवार का व्रत करने से मंगल शांत हो जाता है। और अपना प्रकोप कम कर देता है।

6. जिन कन्याओं की कुण्डली में मंगलिक योग की वजह से शादी में बाधा आती है तो उनको मंगलवार सातों व्रत लगातार करने चाहिए। ऐसा करने से शादी के शीघ्र योग बनते हैं।

7. गेहूँ व मसूर की दाल के 7-7 दाने व 7 लाल पत्थर के टुकड़े पर सिंदूर लगाकर लाल कपड़े में बांध कर 7 मंगलवार चलते पानी में प्रवाहित करने से मंगलवार का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।

Mangal Yantra Dharan Vidhi: Sahi Tarika, Niyam aur Fayde (मंगल यंत्र धारण करना)

जिन जातकों की कुण्डली में मंगल ग्रह का प्रकोप है उनको अपने निवारण के लिए तांबे के पत्र पर मंगल यंत्र खुदवा कर उसके बीच में मूंगा नग को जड़वाकर अपने गले में धारण करना चाहिए। अगर ऐसा करने में आप सक्षम नहीं है तो मंगल यंत्र को भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखवाकर तांबे की अंगूठी या तांबे के ताबीज में डालकर आप अपने हाथ की भुजा में या गले में पहन सकते हैं। इसके पहनने से बार-बार होने वाली दुर्घटनाएं घर में होने वाली लड़ाई झगड़े बन्द हो जाते हैं तथा शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इस यंत्र को मंत्रों से शुद्ध अवश्य कर लेना चाहिए। इसके 10,000 मंत्र आपको अवश्य करने चाहिए। मंत्रों की इतनी संख्या करने से यह यंत्र प्राण प्रतिष्ठित हो जाता है। मंत्र इस प्रकार है:

ॐ अंगारकाय नमः ।

Copper Siddha Mangal Yantra plate with sacred Vedic numbers for Mangal Dosh Nivaran

                                मंगल यंत्र



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