व्यापार को प्रगतिशील बनाने के दो तरीके
जब कोई व्यक्ति किसी नई व्यापार का गठन करता है तो वह उस व्यापार की उन्नति और सुरक्षा को लेकर भी चिन्तन करता है। व्यापार को प्रगतिशील बनाने के जगत में कई तरीके हैं, यहां पर व्यापार को प्रगतिशील बनाने के दो तरीके बताए गए हैं, जिनका उपयोग करके व्यक्ति वंचित लाभ प्राप्त कर सकता है ।
व्यापार को प्रगतिशील बनाने का अध्यात्मिक तरीका
मनुष्यों पर उसके अशुभ ग्रहों का प्रबल प्रभाव पड़ता है। इनसे पराजित होकर वह दाने-दाने के लिए लाचार हो जाता है। बड़े-बड़े सेठ साहूकारों तथा सम्राटों के सुनहरे स्वप्न छिन्न-भिन्न हो जाते हैं। विशाल अट्टालिकाओं को ध्वस्त होते देर नहीं लगती, जीवन-आकाश में निशदिन दुखों के ही बादल छाये रहते है। जो लोग आज वैभवशाली हैं। कल वे वैभवशुन्य भी हो सकते है। न जाने कब अशुभ ग्रहां का दृष्टिपात हो और उनकी सोने की लंका राख हो जाये।
क्या करें-:
1. कोई भी व्यापारिक सामग्री शनिवार या अमावस्या को ना खरीदें।
2. शनिवार को काला वस्त्र पहनें।
3. प्रत्येक अमावस्या को सफाई करें। और कचरा को जला दें।
4.प्रतिदिन नारियल तेल में कपूर डाल कर सिर में लगाये।
5. भोजन करते समय मौन रहें।
6. घर के बुजुर्गो का पूरा मान-सम्मान रखें उनकी सेवा करें।
7. घर की महिलाओं के साथ सहानुभूति व ह रखें।
8. माँस मछली, मद्य, नशीले पदार्थों का सेवन ना करें।
9. सुहागन महिलाओं के साथ सम्मान पूर्वक पेश आयें। साथ में आये बच्चों को खुश करने का प्रयास करें।
10. अपने कार्यस्थल में एक चांदी की कटोरी में धनियां पावडर के साथ लक्ष्मी गणेश को चांदी की मूर्ति उत्तर दिशा की ओर मुख करके रखें। और सर्वप्रथम पूजा करें ।
11. अपने कैश काउन्टर में एक अतिरिक्त दराज बनवा कर उसमें एक सिद्ध श्रीयंत्र+नागकेसर (दोनो एक ही पैकेट में) रखें।
सिद्ध हनुमंत यंत्र+बन्दन (ए दोनो एक ही पैकेट में) रखें।
सिद्ध दक्षिणावर्ती शंख में चांवल, केसर, 2 सिक्का भर कर लाल कपड़े में बाँधे ।
तीन सिद्ध सात मुखी रूद्राक्ष, इन सभी सामग्री को नीचे लाल कपड़ा बिछाकर रखें और नित्य प्रति सुबह शाम प्रणाम करें किसी अन्य को यह सामग्री ना तो दिखायें ना ही पूजा करने दें।
Note→ सामान्य व्यक्ति /शासकीय कर्मचारी भी इन सभी उपायों से लाभ ले सकते है।
व्यापार को प्रगतिशील बनाने का वास्तु सम्मत तरीका
1. हमें दुकान खरीदते समय यह खास ध्यान रखना चाहिए। कि हमारी दुकान या प्लॉट तिराहा पर न हो। अगर आपकी दुकान इस जगह पर है तो वहां पर ग्राहक बहुत ही कम रूकेंगे क्योंकि पार्किंग की समस्या वहां पर बनी रहती है तथा ऐसी जगहों पर ग्राहक की दृष्टि दुकान पर नहीं पड़ती।
2. दुकान बनाते समय रोड से कम-से-कम तीन फुट ऊंचा काउंटर होना चाहिये तथा जो दुकान का फर्श होता है, उससे कम-से-कम छ: इंच ऊंची कुर्सी व काउंटर होनी चाहिये। इसका एक वैज्ञानिक रहस्य होता है जिस प्रकार आप अदालत में जाते हैं और वहां देखते हैं कि जज की कुर्सी आम दर्शक, वकील व स्टॉफ से काफी ऊंची होती है।
कारण यह होता है कि ऊँचे बैठे हुए व्यक्ति की आंखों से निकलने वाली किरणें नीचे बैठे हजारों व्यक्तियों को दबा देती हैं। फलत: जो जज ने फैसला किया होता है वह मानना पड़ता है। इसी प्रकार अगर आपके दुकान का काउंटर ऊंचा है तो ग्राहक आपकी मर्जी का रेट आपको देगा तथा वह ग्राहक आपकी बातों से तुरंत प्रभावित हो संतुष्ट हो जायेगा। वाद-विवाद भी नहीं कर सकेगा।
3. दुकान में ग्राहक को सामान दिखाते समय या सामान का रेट बतातें समय या सामान पसंद कराते समय आपका मुंह उत्तर या पूर्व की होना चाहिये जिससे आप जब भी बात करेंगे, उस समय आप ग्राहक की बातों के दबाव में नहीं आ सकते हैं और ग्राहक सहज ही आपकी बातों को स्वीकार कर लेता है।
4. आपको कोशिश यह करनी चाहिये कि बात करते समय ग्राहक का मुंह पश्चिम या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहि। जिससे कि ग्राहक का जो अपना दिमाग होता है वह बहुत ज्यादा सोच नहीं पाता है और आपकी बातों में सहज ही आ जाता है। 5. हमें अपना काउंटर बनाते समय इस बात का खास ख्याल रखना चाहिये कि जिधर से बाजार में आम जनता ज्यादा आती है उस दिशा की तरफ, दुकान-मालिक मुंह होगा तो दुकान में ज्यादा ग्राहक आयेंगे और आपको अधिक लाभ मिलेगा। यहां पर हमारा यह नियम एक अपवाद के तौर पर भंग हो जाता है कि दुकान का काउंटर पूरब या उत्तर की तरफ होना चाहिये।
6. बहुत सारे वास्तुविद् दुकानों के काउंटर और मालिक का मुंह पूरब या उत्तर दिशा की तरफ करने को बताते हैं। जो कि कुछ दुकानो के लिए सही हो सकते है। सभी के लिए नहीं ।
सोचिए यदि आपके ग्राहक दक्षिण या पश्चिम दिशा से आते है और आप पूर्व या उत्तर के ओर मुंह करके बैठे हैं। तो ग्राहक न तो आप के ऊपर ध्यान देंगे न ही आप ग्राहक के ऊपर ऐसे स्थिति में आपके दुकान की ग्राहकी कम रहेगी। इसके फलस्वरूप नुकसान का सामना करना पड़ेगा है। ये कुछ ऐसे तथ्य हम आपके सामने रख रहे हैं जो कि वर्षो हिमालया प्लेजर पाईंट की खोज का परिणाम है।
7. हमें अपने कैश काउंटर का भी खास ख्याल रखना चाहिये। हमारा कैश काउंटर दरवाजे के बहुत पास में नहीं होना चाहिये। उसके दुष्परिणाम हमें भुगतने पड़ सकते है। कई बार कुछ चोर-प्रवृत्ति के व्यक्ति आपके कैश को लेकर धोखा कर सकते हैं। अगर आपका केश काउंटर दुकान के मध्य में होगा तो चोरी होने का खतरा कम हो सकता है, अगर चोरी भी करता है तो वह पकड़ा जा सकता है।
8. दुकान के सामने कूड़ा-करकट, गंदी नाली, थूक- दान आदि न हों। क्योंकि शुद्ध- ग्राहक, जो नशे का सेवन नहीं करते हैं, उनको ऐसी दुकानों में घुसने में घृणा महसूस होती है। और दुकानदार इस बात का एहसास नहीं कर पाता है कि उसकी दुकान में अच्छे ग्राहकों की कमी क्यों है?
9. दुकान के मालिक को दुकान के बहुत अन्दर नहीं बैठना चाहिये । उसे दुकान के मुख्य द्वार के पास ही काउंटर बनाकर बैठना चाहिये जिसकी वजह से आपका परिचित व्यक्ति आपको बहुत जल्दी पहचान कर, वह जल्दी में होते हुये भी आपको देखकर रूक जाता है ओर मजबूर होकर दुकान से सामान क्रय कर लेता है।
10. आपके दुकान का बोर्ड होता है वह आकर्षक व चमकीला तथा बहुत बड़ा होना चाहिये। जिससे प्रत्येक ग्राहक का खिंचाव आपके साइनिंग बोर्ड पर पड़ता है और दुकान की ओर ग्राहक आ जाता है। अगर आपकी दुकान बहुत बड़ी है और बोर्ड बहुत छोटा है तो ग्राहक के मन की स्थिति यहां पर बहुत कमजोर हो जाती है। और वह सोचता है कि बोर्ड छोटा है तो सामान भी घटिया क्वालिटी का हो सकता है।
11. कई बार यह देखने में आता है कि दुकान बहुत ही छोटी होती है सामान भी बहुत कम होता है, फिर भी दुकान बहुत चलती है। इसका कारण यह होता है कि ऐसे दुकानों का बोर्ड काफी बड़ा होने के कारण ग्राहक को आकर्षित करता है।
12. आपको अपनी दुकान को बहुत ही अच्छी तरह चलाने के लिये विज्ञापन का भी महारा अवश्य लेना चाहिये।
13. आपको अपनी दुकान के अन्दर नैश्रृत्य, दक्षिण व पश्चिम दिशा में स्टोर वाला मान रखना चाहिये ।
14. अगर आपकी दुकान खाने-पीने से संबंधित है तो आपका चूल्हा व भट्ठी अग्नि कोण के अन्दर ही करनी चाहिये। उससे आपको लाभ मिलेगा।
15. कभी भी कूड़ाकड़कट या बचा हुआ खाना पूरब दिशा में नहीं रखना चाहिये। 16. अगर आपकी दुकान किसी कपड़े से संबंधित हो तो आपको अपने सामान को पूरब या उत्तर दिशा पर डिस्प्ले करना चाहिये।
17. आपका ऑफिस प्रोपर्टीज के कारोबार का है तो आपको अपना काउंटर पूरब या उत्तर दिशा में रखना चाहिये।
18. अगर आपकी स्पेयर पार्टस की दुकान है तो आपको भारी पार्टसों को दक्षिण दिशा में रखना चाहिये।
19. अगर आपकी दुकान स्कूटर रिपेयरिंग का सर्विस स्टेशन है तो उसका बोरिंग पूरब दिशा में रखना चाहिये।
20. अगर ड्राइक्लिन की दुकान या वस्त्र- प्रेस की दुकान है तो आपको इसके लिये दक्षिण-पूरब दिशा में अपना काउंटर रखना चाहिये ।





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